शकुंतला देवी (Shakuntala Devi ) की जीवनी (बायोग्राफी)




शकुंतला देवी एक भारतीय लेखिका और मानसिक गणिका (mental calculator)  थीं। 5 अक्टूबर, 1950 को लेस्ली मिशेल ( Leslie Mitchell)  द्वारा होस्ट किए गए बीबीसी (BBC) चैनल के एक शो में हिस्सा लेने  के बाद उन्हें 'ह्यूमन कंप्यूटर(Human Computer) नाम दिया गया था। साक्षात्कार में, शकुंतला देवी को एक जटिल गणित की समस्या दी गई जिसे उन्होंने सेकंडो  में हल कर दिया, लेकिन उनका जवाब  चैनल के पास जो उत्तर  था उससे मिलान नहीं हुआ ।परन्तु   क्रॉस-चेकिंग के बाद लेस्ली मिशेल ने घोषणा की कि शकुंतला देवी द्वारा दिया गया उत्तर सही था । और तभी से मानव कंप्यूटर का नाम शकुंतला देवी का पर्याय बन गया। 
 

                 शकुंतला देवी का जन्म भारत के बेंगलुरु में 4 नवंबर 1929 को एक रूढ़िवादी कन्नड़ ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उसके पिता एक सर्कस के कलाकार थे, जिन्होंने अपने पारंपरिक व्यवसाय ज्योतिषी   को आगे बढ़ाने  के बजाय अपरंपरागत पेशे को चुना ।

                 एक किस्से के मुताबिक, जब वह तीन साल की थी, तब शकुंतला देवी 
 ने अपने पिता के साथ कार्ड गेम खेलना शुरू किया। उसके पिता ने महसूस किया कि छोटी लड़की हर दिन यह  खेल जीतती थी और उन्हें  शक हुआ  कि वह जालसाज़ी कर रही है। उन्होंने जब उसके खेलने के तरीके को  बारीकी से अध्ययन किया तो पाया कि वह सभी कार्ड के नंबरों और उनके अनुक्रम को याद कर रही थी  और इस ज्ञान का उपयोग खेल जीतने के लिए कर रही थी ।
         अपनी बेटी के विशेष प्रतिभा  की खोज पर वह उसे मार्गचलित कार्यक्रम (रोड शो) पर  ले जाने लगे  और ऐसे शकुंतला देवी ने  गणना में अपनी क्षमता प्रदर्शित की। जल्द ही उसने बहुत लोगो का  ध्यान आकर्षित किया और अपने पिता के लिए काफी पैसा कमाने लगी ।
     धीरे धीरे  उसकी अद्भुत क्षमता का यश आसपास के इलाको  में फैल लगा  और इसके बाद  उन्हें  दक्षिणी भारत के विश्वविद्यालयों में इस प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिला  । जब वह छह साल की थी तभी उसने मैसूर विश्वविद्यालय के संकाय में अपने कौशल का प्रदर्शन किया  और अन्नामलाई विश्वविद्यालय में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद और विशाखापत्तनम के संस्करण में भी प्रदर्शन किया।
       समय के साथ वह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात हो गई और फिर 1944 में अपने पिता के साथ लंदन चली गई। जिसके बाद उसने पूरे विश्व में व्यापक रूप से यात्रा की और संयुक्त राज्य अमेरिका, हांगकांग, जापान, श्रीलंका, इटली, कनाडा रूस, फ्रांस, स्पेन, मॉरीशस, इंडोनेशिया और मलेशिया  सहित कई देशों में अपने कौशल का प्रदर्शन किया। 
       इसी  दौरान 5 अक्टूबर, 1950 को लेस्ली मिशेल ( Leslie Mitchell)  द्वारा होस्ट किए गए बीबीसी (BBC) चैनल के एक शो में हिस्सा लेने  के बाद उन्हें 'ह्यूमन कंप्यूटर(Human Computer) नाम दिया गया था। 
              

             1960 के दशक के मध्य में वह भारत लौट आईं और कोलकाता में  भारतीय प्रशासनिक सेवा के  अधिकारी पारितोष बनर्जी ( Paritosh Banerjee)  से शादी कर लिया जिससे उनको एक बेटी है अनुपमा बनर्जी  । परन्तु  1979 में उनका तलाक हो गया। 

इसकी बाद  1980 में, वह एक स्वतंत्र के रूप में लोकसभा चुनाव भी लड़ीं चुकी है पर  पराजित हो  गई। इसके बाद  शकुंतला देवी 1980 के दशक की शुरुआत में बैंगलोर लौट आईं और यही बस गयी। 
        शकुंतला देवी को 18 जून 1980 को दो यादृच्छिक (  randomly) रूप से चुने गए दो 13-अंकीय संख्याओं 686,369,774,870 × 2,465,099,745,779 के गुणा के लिए याद किया जाता है। उन्होंने 28 सेकंड में  रूप में सही उत्तर 18,947,668,177,995,426,462,772,730 दे दिया । उनके इस अविश्वसनीय कारनामे ने उन्हें 1982 में  गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ’ (Guinness Book of Records) में  जगह दिलाई।
          वह एक सफल ज्योतिषी भी थीं और इस विषय पर कई किताबें भी  लिखीं है । इसके अलावा उन्होंने  बच्चों के लिए  पहेलियों एवं गणित पर कई पुस्तके भी लिखी है । उनकी सबसे महत्वपूर्ण पुस्तकों में से एक द वर्ल्ड ऑफ होमोसेक्सुअल (The World of Homosexuals)(1977) है  , जो भारत में समलैंगिकता का पहला व्यापक अध्ययन है। उनके पति के समलैंगिक होने के कारण उन्हें समलैंगिकता पर अधिक बारीकी से जानने का मिला।
       अप्रैल 2013 में, शकुंतला देवी को सांस की समस्या के कारण बैंगलोर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दो हफ्तों में वह दिल और गुर्दे की समस्याओ  से पीड़ित थी। फिर  21 अप्रैल 2013 को अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।

Comments

Popular posts from this blog

दुनिया का सबसे बड़ा फूल

दुनिया के शीर्ष 10 सबसे लंबे पुल (World's top 10 longest bridges)

कॉमनवेल्थ (Commonwealth) क्या है ?